रायपुर। रायपुर की बेटी नंदनी निर्मलकर ने यह साबित कर दिया है कि सपनों को उड़ान देने के लिए बड़े संसाधनों नहीं, बल्कि बड़े हौसलों की जरूरत होती है। 12वीं कक्षा में अध्ययनरत नंदनी ने योगासन प्रतियोगिताओं में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 14 स्वर्ण पदक अर्जित किए हैं और आज वे जिले की युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
नंदनी का सफर एक साधारण छात्रा से राष्ट्रीय स्तर की योग खिलाड़ी बनने तक का है। शासकीय जे आर दानी विद्यालय, रायपुर में पढ़ाई करते हुए उन्होंने योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाया और कठिन अभ्यास, अनुशासन तथा समर्पण के बल पर एक के बाद एक सफलताएं हासिल कीं। वर्ष 2021 से लेकर 2025-26 तक उन्होंने राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की अनेक प्रतियोगिताओं में भाग लेकर स्वर्णिम उपलब्धियां अपने नाम कीं।
खेलो इंडिया, योगासन भारत, एसजीएफआई, योगा ओलंपियाड और वेस्ट ज़ोन नेशनल योगासन प्रतियोगिता जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर उनका प्रदर्शन लगातार उत्कृष्ट रहा है। हर पदक उनकी मेहनत, संघर्ष और दृढ़ इच्छाशक्ति की कहानी कहता है।
नंदनी अपनी सफलता का श्रेय जिला प्रशासन, अपने योग गुरु डॉ. छगनलाल सोनवानी, योग प्रशिक्षक सूर्य कुमार तथा प्राचार्य डॉ. हितेष दिवान को देती हैं। उनका मानना है कि सही दिशा और निरंतर अभ्यास से कोई भी लक्ष्य दूर नहीं होता।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर नंदनी का संदेश भी उतना ही प्रेरणादायक है। वे कहती हैं कि योग केवल प्रतियोगिता जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वस्थ, सकारात्मक और अनुशासित जीवन जीने का आधार है। उनका सपना है कि भविष्य में योग को ओलंपिक मंच तक पहुंचाने की दिशा में योगदान दें और देश, प्रदेश तथा रायपुर जिले का नाम विश्व स्तर पर रोशन करें।
नंदिनी के 14 स्वर्ण पदकों की यह उपलब्धि केवल एक खिलाड़ी की सफलता नहीं, बल्कि उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को सच करने का साहस रखते हैं। नंदनी की कहती ही कि हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी देशवासियों को योग करने के लिए प्रेरित कर रहे ही ताकि आज के साथ कल भी स्वस्थ रहे। मैं भी सभी को अपने शरीर के लिए कुछ समय देने का आग्रह करती हूं ताकि बढ़ती उम्र के भी हम आरोग्य रहें।