रायपुर नगर निगम की बड़ी राहत: 16 जुलाई से शुरू होगी ‘एकमुश्त जलकर निपटान और अवैध नल कनेक्शन नियमितीकरण योजना’

रायपुर. छत्तीसगढ नगर पालिक अधिनियम 1956 की धारा 132 की उपधारा (1) के खंड”ख” में उल्लेखित जलकर की दरों एवं अवैध कनेक्शनों के नियमितीकरण करने संबंधित नियम, अधिसूचना दिनांक 3 फरवरी 2010 द्वारा राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना अनुसार अवैध नल कनेक्शनों का नियमितीकरण योजना तैयार की गई। वर्तमान में वैध नल कनेक्शन 2,21,000 है एवं रायपुर शहर में कुल भवनों की संख्या लगभग 3,50,000 के आधार पर लगभग 90000 अवैध नल कनेक्शन संचालित है जो सीधे तौर पर निगम के जल के राजस्व को क्षति पहुंचा रहे है।
*योजना का मुख्य उद्देश्य*
:- डेटाबेस का एकीकरण जल विभाग के डेटा को संपत्ति कर प्रणाली के साथ पूर्णतः लिंक करना।
:- राजस्व सुदृढीकरणः अवैध कनेक्शनों को वैप कर और पुराने बकाये की एकमुश्त वसूली कर राजस्व में स्थायी वृद्धि करना।
:- नागरिक राहतः उपभोक्ताओं को बिना किसी भारी दंडात्मक वित्तीय भार (ब्याज) के पुराने विवादों से मुक्त करना।

प्रस्तावित लाभार्थी वर्गीकरण एवं रियायत संरचना
मिसिंग एवं अवैध कनेक्शनधारी
अवैध आवासीय कनेक्शन* वर्तमान में प्रचालेत नल कनेक्शन दर अनुसार ऐसे कनेक्शनों को वैध करने हेतु नियमितीकरण शुल्क 5000 रू. एवं वैध कनेक्शन शुल्क 15882 रू. कुल 20882 रू. जमा कराने के पश्चात् आधा इंच घरेलू कनेक्शन को पूर्णतः वैध व मुख्य धारा में सम्मिलित किया जाएगा।
अवैध व्यावसायिक कनेक्शन* ऐसे कनेक्शनों को वैध करने हेतु नियमितीकरण शुल्क 15000 रू. एवं वैध कनेक्शन शुल्क 15882 रू. कुल 30882 रू. जमा कराने के पश्चात आधा इंच व्यवसायिक कनेक्शन को पूर्णतः वैध व मुख्यधारा में सम्मिलित किया जाएगा।

आधा इंच से बड़े एवं बल्क अदैव कनेक्शनों के नियमितीकरण की कार्यवाही प्रकरणवार समीक्षा कर नियमानुसार मुख्यालय से सक्षम स्वीकृति प्राप्त कर ही की जा सकेगी।*

प्रमुख शर्ते

सीमित समयावधि – यह योजना आदेश जारी होने की तिथि से केवल 90 दिनों के लिए ही वैध रहेगी। इस अवधि में आवेदन करना अनिवार्य होगा।
एकमुश्त भुगतान – इस छूट का लाभ केवल तभी प्राप्त होगा जब उपभोक्ता संपूर्ण तय राशि का भुगतान एक साथ करेगा तथा निगम के साथ निर्धारित प्रारूप में अनुबंध करेगा।
अनिवार्य लिंकिंग – नियमितीकरण एवं ओ.टी.एस. का लाभ लेने वाले प्रत्येक उपभोक्ता को अपने जलकर कनेक्शन को अपनी विशिष्ट संपत्ति पहचान संख्या से लिंक कराना अनिवार्य होगा।
योजना का 1 जुलाई से लेकर 15 जुलाई 2026 तक प्रचार-प्रसार करेंगे। 16 जुलाई 2026 से 15 अक्टूबर 2026 तक यह योजना प्रभावशील रहेगी।
उपभोक्ता को नियमितिकरण हेतु नियत तिथि में आवेदन देना होगा।

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