रायपुर। आज से स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2025-26 अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम जोन कमांक 2 एवं जोन 7 कार्यालय परिसर में जोन क्षेत्र के अंतर्गत आरआरआर सेंटर का नये स्वरूप में प्रारंभ हो गया। वहां पहुंचकर नगर निगम के जोन क्रमांक 2 : के आरआरआर सेंटर का जोन 2 कार्यालय परिसर में एवं जोन 7 के आरआरआर सेंटर का जोन 7 कार्यालय परिसर में नये स्वरूप में लोकार्पण कर शुभारम्भ नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने आमजनों की बड़ी संख्या में उपस्थिति में करते हुए शानदार सौगात दी ।
इस नये स्वरूप वाले आरआरआर सेंटर में नगर निगम रायपुर द्वारा एक ई बैटरी वाहन उपलब्ध कराया गया है जो नगर निगम जोन क्रमांक 2 एवं जोन 7 क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी 7 -7 वार्डो में जाकर वहां से रहवासी नागरिकों के घरों से अनुपयोगी वस्तुएं संग्रह करके लाने का कार्य करेगा, जिन्हें समाज के जरूरतमंद नागरिकों को स्वच्छ भारत मिशन योजना स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2025-26 अंतर्गत उपलब्ध कराया जायेगा।
इस नये स्वरूप वाले आरआरआर सेंटर में नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर महिलाओं के कल्याणार्थ सिलाई मशीन की व्यवस्था दी गई है। जिस पर महिलाएं कार्य कर रोजगारयुक्त हो सकेंगी एवं आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगी। नगर निगम जोन 2 कार्यालय प्रांगण में नये स्वरूप वाले आरआरआर सेंटर का संचालन वैभवलक्ष्मी महिला स्वसहायता समूह की पदाधिकारी महिलाओं और नगर निगम जोन 7 कार्यालय प्रांगण के नवीन स्वरूप वाले आरआरआर केन्द्र का संचालन माँ गौरी महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं के माध्यम से जनहित में स्वच्छ भारत मिशन योजना के अंतर्गत किया जायेगा।
साथ ही वहां बर्तन बैंक, झोला बैंक की व्यवस्था रखी गयी है। अलग – अलग आलमारियों के खंड़ों में पुराने कपड़ों , जूते -चप्पलों , इलेक्ट्रॉनिक सामानों, पुराने बर्तनों, पुराने प्लास्टिक सामानों अन्य पुरानी अनुपयोगी वस्तुओं को रखने की व्यवस्था दी गई है। जिससे नागरिकों को यहां नगर निगम जोन 2 के शहीद स्मारक स्कूल परिसर कार्यालय के प्रांगण और जोन 7 के महाराजा अग्रसेन चौक के पास श्रीगणेश मन्दिर के समीप जोन 7 कार्यालय के प्रांगण तक तक पहुंचकर अपने घरों की अनुपयोगी वस्तुओं को देना सहज और सरल हो सके। इससे पर्यावरण संरक्षण सहित जरूरतमंद नागरिकों तक उनके उपयोग की वस्तुएं सहजता से पहुंचायी जा सकेंगी।
इस अवसर पर नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नागरिकों को बताया कि आरआरआर (रिड्यूज, रियूज, रिसायकल) ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की एक महत्वपूर्ण अवधारणा है, जिसका उद्देश्य कचरे को स्रोत पर कम करना, उपयोग योग्य वस्तुओं का पुनःउपयोग बढ़ाना तथा अपशिष्ट का पुनर्चक्रण कर संसाधनों का संरक्षण करना है। इसके माध्यम से लैंडफिल में जाने वाले कचरे में कमी आती है, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है और सर्कुलर इकॉनमी को मजबूती मिलती है। आरआरआर सेंटर इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जहाँ नागरिक अपनी उपयोग योग्य वस्तुएँ दान करते हैं, जिन्हें मरम्मत कर जरूरतमंदों को निःशुल्क या न्यूनतम लागत पर उपलब्ध कराया जाता है। आरआरआर सेंटर में संग्रहित एवं मरम्मत की गई उपयोग योग्य वस्तुओं को जरूरतमंद नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है।
इसके साथ ही जो सामग्री पुनः उपयोग योग्य नहीं होंती, जैसे पुराने व अनुपयोगी कपड़े, उन्हें स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा पुनर्चक्रित कर थैले, झोले आदि उपयोगी उत्पादों में परिवर्तित किया जाता है। इसके अतिरिक्त शेष अपशिष्ट को अधिकृत रिसाइक्लर्स एवं प्रोसेसिंग यूनिट्स तक भेजा जाता है, जिससे वैज्ञानिक निपटान सुनिश्चित होता है और सर्कुलर इकॉनमी को बढ़ावा मिलता है।
महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने रायपुर नगर पालिक निगम की ओर से सभी नागरिकों से एक बार पुनः विनम्र अपील की है कि कृपया अपने घर में उपयोग में न आने वाली वस्तुओं को आरआरआर सेंटर में जमा करने का कष्ट करें। नागरिकों के इस छोटे से प्रयास से न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान मिलेगा, बल्कि इन वस्तुओं के माध्यम से किसी जरूरतमंद व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान भी लाई जा सकेगी।
रायपुर के दो जोनों में आरआरआर सेंटर नये स्वरूप में प्रारंभ