रायपुर। प्रतिदिन लाखों रेल यात्रियों के लिए ऑन-बोर्ड भोजन के अनुभव को बदलने के लिए एक बड़े कदम के तहत, इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IRCTC) ने भारतीय गुणवत्ता परिषद (QCI) के साथ एक रणनीतिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह महत्वपूर्ण साझेदारी आईआरसीटीसी द्वारा प्रबंधित सभी मोबाइल (ट्रेनों) और स्टैटिक (स्टेशन) कैटरिंग इकाइयों में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करने के लिए एक कठोर, तकनीक-संचालित, स्वतंत्र थर्ड-पार्टी ऑडिट तंत्र स्थापित करती है।
इस रणनीतिक गठबंधन के तहत, QCI प्रमाणित पेशेवरों को गहन, औचक त्रैमासिक और अर्ध-वार्षिक निरीक्षण चक्र आयोजित करने के लिए तैनात करेगा। ये ऑडिट भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के वैधानिक नियमों और अंतरराष्ट्रीय पाक कला मानकों का सख्त अनुपालन लागू करेंगे।
समझौता ज्ञापन पर आईआरसीटीसी के महाप्रबंधक/गुणवत्ता और परियोजनाएं, सुधीर वारियर और भारतीय गुणवत्ता परिषद के प्रधान सलाहकार/प्रमुख-पीपीआईडी, सुब्रतो घोष द्वारा, रामानन्द नागेंद्र शुक्ला, सीईओ, एनएबीएल और मोहित पाढ़ी, सहायक महासचिव, भारतीय गुणवत्ता परिषद तथा राहुल हिमालयन, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक और मनोज कुमार शर्मा, निदेशक/कैटरिंग सेवाएं, आईआरसीटीसी की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।
डेटा से छेड़छाड़ को समाप्त करने और पूर्ण पारदर्शिता की गारंटी के लिए, ऑडिट प्रक्रिया QCI के अग्रणी डिजिटल बुनियादी ढांचे का लाभ उठाएगी। निरीक्षक अनिवार्य जियो-टैगिंग, टाइम-स्टैम्पिंग और फोटोग्राफिक साक्ष्य वाले एक मालिकाना मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करेंगे। ऑडिट रिपोर्ट सख्त 24 घंटे की समयसीमा के भीतर प्रस्तुत की जाएंगी, जिससे परिचालन संबंधी कमियों का वास्तविक समय में पता लगाया जा सकेगा और चूक करने वाले वेंडरों के खिलाफ तत्काल सुधारात्मक और निवारक कार्रवाई (CAPA) ट्रैकिंग शुरू की जा सकेगी।
प्रमुख सार्वजनिक लाभ और प्रभाव क्षेत्र:
• ऑनबोर्ड डाइनिंग में शून्य-समझौता: ट्रेनों में कठोर स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करती है कि यात्रियों को घटिया ऑनबोर्ड भोजन तैयार करने से बचाया जाए।
• स्टेशनों पर एक समान गुणवत्ता: पूर्ण मानकीकरण सभी प्रमुख स्टेशन-आधारित स्टैटिक इकाइयों में बेदाग खाना पकाने के माहौल की गारंटी देता है।
• सख्त वेंडर जवाबदेही: 24 घंटे के भीतर प्रस्तुत डिजिटल साक्ष्य-समर्थित रिपोर्ट कैटरिंग
लाइसेंसधारियों के लिए त्वरित जुर्माना या सुधारात्मक चक्र सुनिश्चित करती हैं।
• दृश्य स्वच्छता और ग्रूमिंग प्रोटोकॉल: जमीनी स्तर पर जांच कर्मचारियों की मेडिकल
फिटनेस, अनिवार्य सुरक्षात्मक गियर और पेशेवर आतिथ्य शिष्टाचार को सख्ती से लागू
करेगी।
• स्वच्छतापूर्ण भंडारण अनुपालन: बेहतर निगरानी शाकाहारी और मांसाहारी कच्ची वस्तुओं
के पूर्ण अलगाव, तापमान-नियंत्रित भोजन भंडारण और सत्यापित कीट नियंत्रण को
सुनिश्चित करती है।
• भविष्य के लिए तैयार उन्नयन: यह व्यापक समझौता एक संस्थागत तंत्र स्थापित करता है जिससे आईआरसीटीसी भविष्य के संयुक्त कार्यक्रमों को सुचारू रूप से शुरू कर सके, जिसमें यात्री ग्राहक संतुष्टि सर्वेक्षण, बुनियादी ढांचा ऑडिट और विशेष कर्मचारी प्रशिक्षण शामिल हैं।
साझेदारी पर बोलते हुए, प्रतिनिधियों ने जटिल, बड़े पैमाने पर सार्वजनिक निगरानी परियोजनाओं—जैसे स्वच्छ सर्वेक्षण और FSSAI के लिए अखिल भारतीय दूध और खाद्य निगरानी—को निष्पादित करने में QCI की बेजोड़ साख पर प्रकाश डाला, जो उन्हें इस देशव्यापी रेलवे आतिथ्य उन्नयन का नेतृत्व करने के लिए आदर्श विकल्प बनाती है।
यह साझेदारी एक पारदर्शी, यात्री-प्रथम भविष्य की ओर एक निर्णायक बदलाव का प्रतीक है, जो यह सुनिश्चित करती है कि भारतीय रेलवे में परोसा जाने वाला प्रत्येक भोजन उत्कृष्ट सुरक्षा और स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के अनुरूप हो।